!! श्री सुदर्शन गुरवे नमः !!
19 सितम्बर मंगलवार संवत्सरी महापर्व पर गुरु चरणों में पोषध व्रत करें।
गुरु मुख से गुरु वचन
जो भगवान महावीर के शेर हैं, कोई शरीर में दिक्कत नहीं है, सामर्थ है, और हर प्रकार से समर्थ रहना चाहते हैं, पौषध करना ही करना है।
पौषध जीवन बीमा समान है आपके लोक परलोक भवभवो के अनंत कर्म निर्जरा का माध्यम है।
पूरे वर्ष में एक पौषध तो सभी श्रावक - श्राविकाओं को करना चाहिए , संवतसरी पर पौषध का विशेष महत्त्व हैं। बहुत से रोग-शौक स्वत: दूर हो जाते हैं।
साइंस के अनुसार तो महिने में 1 उपवास हो जाए तो बहुत सी बीमारीयो से बचा जा सकता है।
अपने क्षेत्र में विराजित साधु साध्वी जी म० के पावन सान्निध्य में पौषध व्रत आराधना कर गुरु भक्ति का परिचय देते हूए व गुरु आज्ञा शिरोधार्य कर जिनसाशन ध्वजा को वर्धमान करें।