श्रमण संघीय सलाहकार, भीष्म पितामह, दीर्घ आयंबिल तपधारी, महान उपकारी श्री श्री 1008 पूज्य गुरुदेव राजऋषि श्री सुमति प्रकाश जी महाराज को सविधि वंदन, नमन, अभिनंदन। पूज्य गुरुदेव का मेरे जीवन पर अमिट प्रभाव रहा है, आप श्री जी की जितनी भक्ति उपासना की जाय वह आपके अनंत उपकारों के समक्ष तुच्छ है, आपश्री जी 25 नवंबर से संलेखना में हैं, आपका स्वास्थ्य अनुकूल रहे, संयम के सम्यक पालन में सहायक हो, आपका वरदहस्त और आशीर्वाद समस्त चतुर्विद संघ को चिर काल तक मिलता रहे शासन देव से यही प्रार्थना करता हूं।