28 September 2023

पक्खी पर्व

जय सुदर्शन गुरुदेव सुदर्शन 
                
आज पक्खी का पर्व भावपूर्ण पूर्वक मनाएं।
जैन धर्म में पक्खी के पर्व का बहुत महत्व है। आज के दिन साधक पक्खी का प्रतिक्रमण करते हैं। प्रतिक्रमण से मतलब अपने विगत 15 दिवसों में कोई भूल हुई हो तथा महाव्रतों या अनुवर्तो में दोष या अतिचार लगा हो तो इस दिन साधक निंदामी गरिहामी, अप्पानंग, वोसरामी ऐसा कहकर अपनी भूलों के लिए क्षमा याचना मांगते हैं तथा आगे ना करने का संकल्प करते हैं।

 विशेष सूचना
                   जिन्होंने 12 व्रत अंगीकार किए हुए हैं उन्हें तो पक्खी को प्रतिक्रमण करना ही चाहिए, उत्तर भारत के परंपरा के हिसाब से आज 8 लोगस्स का ध्यान करना है तथा आप सभी से विनम्र अनुरोध है कि आप विधि पूर्वक प्रतिक्रमण करें हो सके तो परिवार के सदस्यों को भी सहभागी बनाएं अगर किसी कारण से आपको बड़ा प्रतिक्रमण ना याद हो तो भाव प्रतिक्रमण भाव पूर्वक जरूर करें तथा सबसे क्षमा याचना करें। प्रतिक्रमण जैन साधना का प्राण है और संकल्प लें कि 2023 में हम प्रतिक्रमण याद करेंगे या प्रतिक्रमण का उच्चारण सीखेंगे।