01 July 2023

Rajrishi Gurudev Shri Rajendra Muni Ji

आज राजऋषि जी ने फरमाया है कि प्रत्येक जैन को प्रातः उठने के बाद मंजन से भी पहले पूर्व या उत्तर दिशा की और मुंह करके कम से कम 5 बार महामंत्र नवकार का स्मरण अवश्य करना चाहिए।

सबसे पहले 5 बार महामंत्र नवकार का जाप करे उसके बाद मुंह में कुछ डालें।